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संविधान एवं नियम

संविधान एवं नियम

Humanity United Federation

मानवता संयुक्त संघ

धारा – १ : नाम

धारा – २ : उद्देश्य

संघ एक ऐसे भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जो सुदृढ़, समृद्ध, एवं स्वावलम्बी, राष्ट्र हो. जिसका दृष्टिकोण आधुनिकप्रगतिशील एवं प्रबुद्ध हो, और जो अपनी प्राचीन भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों से सगर्व प्रेरणा ग्रहण करता हो तथा न्याययुक्तआंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को स्थापित करने के लिए देश के सभी राज्यों में अपनी प्रभावशाली भूमिका का निर्वहन कर सके. मानवता संयुक्त संघ एक पारिवारिक संगठन है, यह संगठन भारत सरकार के नियमों और अधिनियम के अनुसार पंजीकृत संघ है.

उपरोक्त दिए हुए सभी सामाजिक कार्यो एवं सामाजिक कार्यक्रम देश के सभी प्रदेश,विभाग,जिलों तथा हर एक गांव और मोहल्ले तक पहुंचाने हेतु हम सदा सक्रीय रहेंगे.

प्रदेश स्तर पर, विभाग या जिला स्तर पर कोई भी सामाजिक कार्यक्रम, कार्यक्रम का उद्देश्य, कार्यक्रम का विस्तृत विवरण, या कार्यक्रम की तारीख, समय और जगह राष्ट्रीय समिति को १० दिन पूर्व ही सूचित करना होगा.

प्रदेश कार्यकारिणी प्रदेश में होने वाले सभी सामाजिक कार्यक्रम या अभियानों का संचालन करेगी.

धारा – ३ : मूल दर्शन

“एक कदम मानवता की और” संघ का मूल दर्शन होगा.

धारा – ४ : निष्ठायें

राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय एकात्मता, लोकतंत्र,सामाजिक-आर्थिक विषयो पर गाँधीवादी दृष्टिकोण, जिससे शोषणमुक्त एवं समतायुक्त समाज की स्थापना हो सके और सकारात्मक पंथ-निरपेक्षता अर्थात सर्वधर्मसमभाव से समाजकार्य में संघ विश्वास रखता है.

धारा – ५ : कार्यकारिणी

क्षेत्र :

संघ के संगठनात्मक में समन्वय और सहयोग के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष चार क्षेत्रो में क्षेत्र अध्यक्ष के साथ अन्य १६ पदाधिकारियों की समन्वय समिति का गठन करेगी.

प्रदेश :

संगठनात्मक में समन्वय और सहयोग के लिए क्षेत्र अध्यक्ष, भारत के संविधान में उल्लिखित राज्य और केंद्र-शासित क्षेत्रो के अनुरूप अध्यक्ष के साथ अन्य १६ पदाधिकारियों की समन्वय समिति का गठन करेगी.

विभाग :

संगठनात्मक में समन्वय और सहयोग के लिए प्रदेश अध्यक्ष राज्य के विभाजित विभाग में विभाग अध्यक्ष के साथ अन्य १६ पदाधिकारियों की समन्वय समिति का गठन करेगी.

जिला एवं महानगर :

संगठनात्मक में समन्वय और सहयोग के लिए विभाग अध्यक्ष राज्य के जिलों और महानगरों में जिला अध्यक्ष एवं नगर अध्यक्ष के साथ अन्य १६ पदाधिकारियों की समन्वय समिति का गठन करेगी.

धारा – ६ : संगठनात्मक ढांचा

१. राष्ट्रीय स्तर :

राष्ट्रीय पद सूचि

२. राष्ट्रीय क्षेत्र स्तर :

क्षेत्रीय पद सूचि

३.प्रदेश स्तर

प्रदेश पद सूचि

४.विभाग स्तर

विभाग पद सूचि

५. जिल्हा समितियाँ

६. मंडल/स्थानीय समितियाँ

७. तहसील समितियाँ

जिल्हा पद सूचि

धारा – ७ : संगठन के प्रकोष्ठ

(क) युवा प्रकोष्ठ

(ख) महिला प्रकोष्ठ

धारा – ८ : प्रदेश कोष और खता

धारा – ९ : पदाधिकारियों के अधिकार और उत्तरदायित्व

अध्यक्ष

उपाध्यक्ष

महासचिव

सचिव

कोषाध्यक्ष

धारा – १० : संगठन कोष

-: नोंध :-

धारा – ११ : प्रदेश इकाई का क्षेत्र

धारा – १२ : सदस्यता

धारा – १३ : कार्यकाल

धारा – १४ : सदस्य पंजिका

धारा – १५ : सदस्य पंजिका की छान बिन

धारा – १६ : संविधान की व्याख्या

नियम

प्रतिज्ञा

मै ह्यूमैनिटी यूनाइटेड फेडरेशन उर्फ़ मानवता संयुक्त संघ के मूलदर्शन “एक कदम मानवता की और” को मानता/मानती हूँ. राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय एकात्मता, लोकतंत्र, “सामाजिक एवं आर्थिक समस्याओ के प्रति गाँधीवादी दृष्टिकोण के आधार पर समतायुक्त एवं शोषणमुक्त समाज की स्थापना सकारात्मक पंथ-निरपेक्षता” अर्थात सर्वधर्मसमभाव और मूल्यों पर आधारित समाजिक कार्यो के प्रति मेरी निष्ठां है.

मै ऐसे राज्य की अवधारणा को स्वीकार करता/करती हूँ, जो सम्प्रदाय-निरपेक्ष हो तथा उपासना-पद्धति पर आधारित न हो.

मै जाती, लिंग एवं मजहब के आधार पर किसी प्रकार के विभेद पर विश्वास नहीं करता/करती हूँ.

मै संघ के संविधान, नियम और अनुशासन के पालन का वचन देता/देती हूँ.


-: जय हिन्द :-